आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ती सैन्य हलचल ने वैश्विक निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया। इस तनाव की सीधी आंच दलाल स्ट्रीट पर भी महसूस की गई और बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। प्रमुख सूचकांकों में आई इस भारी गिरावट ने पिछले कुछ सत्रों की बढ़त को काफी हद तक कम कर दिया है।
सेंसेक्स की बात करें तो आज इसमें करीब 600 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 77,226 के स्तर के आसपास बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 50 में भी कमजोरी का रुख रहा और यह फिसलकर 24,165 के स्तर पर आ गया। बाजार में मंदी का सबसे अधिक प्रभाव बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पर पड़ा। आज के टॉप लूजर्स की सूची में एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े नाम शामिल रहे जिन्होंने बाजार की धारणा को नीचे खींचने में मुख्य भूमिका निभाई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता और तेल आपूर्ति में बाधा की आशंका ने संस्थागत निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने पर मजबूर किया है।
हालांकि बड़े शेयरों (Large-caps) में छाई इस निराशा के बीच मिडकैप इंडेक्स ने एक सुखद आश्चर्य पेश किया। व्यापक बाजार ने आश्चर्यजनक लचीलापन दिखाते हुए मजबूती बनाए रखी और दिन के शुरुआती सत्र में मिडकैप इंडेक्स अपने नए रिकॉर्ड स्तर को छूने में कामयाब रहा। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा छोटे और मध्यम आकार के शेयरों में मूल्य देख रहे हैं। कुल मिलाकर आज के कारोबार में भू-राजनीतिक चिंताएं हावी रहीं जिससे प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों पर दबाव बना रहा और निवेशकों ने जोखिम लेने से परहेज किया।
