अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में स्वायत्त उड़न यानों, रोबोटिक वाहनों और संचार तंत्र को तैनात करने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। नासा का लक्ष्य अब केवल प्रतीकात्मक चंद्र अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी मानव बस्ती विकसित करना चाहता है।
नासा मुख्यालय में आयोजित “मून बेस” परिचर्चा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ऐसी दीर्घकालिक संरचना तैयार कर रही है जो अंतरिक्ष यात्रियों, माल परिवहन प्रणालियों, वैज्ञानिक अभियानों और भविष्य में मंगल ग्रह के अभियानों को समर्थन प्रदान करेगी। इस नई रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा “मूनफॉल” अभियान है, जिसे स्वायत्त उड़न यानों की सहायता से संचालित किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य चंद्रमा की कठिन सतह का सर्वेक्षण करना, वहां मौजूद जल-बर्फ की खोज करना और भविष्य के आर्टेमिस अभियानों के लिए सुरक्षित उतरने वाले स्थानों की पहचान करना है। वैज्ञानिक कार्लोस गार्सिया गोलान ने कहा कि ये उड़न यान अधिक क्षेत्रों की जांच कर वास्तविक और सटीक जानकारी जुटाने में मदद करेंगे।
इन यानों का विकास जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला द्वारा किया जा रहा है, जबकि इन्हें चंद्रमा तक पहुंचाने वाले अंतरिक्ष यान के निर्माण की जिम्मेदारी फायरफ्लाई एयरोस्पेस को दी गई है। इस अभियान को वर्ष 2028 में प्रक्षेपित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नासा के अनुसार भविष्य का चंद्र आधार किसी छोटे केंद्र की बजाय एक विस्तृत शहर जैसा हो सकता है, जहां आवास, ऊर्जा प्रणाली, खनन क्षेत्र और वैज्ञानिक केंद्र अलग-अलग स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे।
