वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती को बरकरार रखा है। आज जारी की गई एसबीआई रिसर्च की एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था के 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसके अनुसार वास्तविक जीडीपी विकास दर लगभग 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच भी भारत ने अपनी आर्थिक गति को सफलतापूर्वक बनाए रखा है।
एसबीआई की इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि हालांकि चौथी तिमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन उच्च-आवृत्ति संकेतक (High-frequency indicators) अभी भी एक लचीली और सक्रिय अर्थव्यवस्था की ओर इशारा कर रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ऋण वितरण (Bank credit growth) में उल्लेखनीय तेजी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वृद्धि दर पिछले वर्ष के 11.0 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 16.1 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके अलावा, कुल वृद्धिशील ऋण वृद्धि (Total incremental credit growth) 29.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर रही, जो भारतीय बाजार में मजबूत मांग और निवेश के सकारात्मक माहौल को प्रमाणित करती है।
