दुनिया के प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में आज गिरावट दर्ज की गई, जबकि यूरोप के कई प्रमुख बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक निवेशकों के बीच आर्थिक संकेतकों और बाजार की स्थितियों को लेकर सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक निक्केई आज एक दशमलव दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब शून्य दशमलव आठ प्रतिशत नीचे रहा। हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक लगभग शून्य दशमलव छह प्रतिशत गिरा, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांक आधे प्रतिशत से अधिक कमजोर हुआ। चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक भी गिरावट के साथ बंद हुआ और इसमें शून्य दशमलव दो प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
दूसरी ओर यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। फ्रांस का सीएसी चालीस सूचकांक लगभग शून्य दशमलव सात प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। जर्मनी का डैक्स सूचकांक शून्य दशमलव तीन प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि ब्रिटेन का एफटीएसई सौ सूचकांक मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
आर्थिक मोर्चे पर ब्रिटेन से राहत देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। वहां खुदरा मुद्रास्फीति दर अप्रैल महीने में घटकर दो दशमलव आठ प्रतिशत पर आ गई, जबकि मार्च में यह दर तीन दशमलव तीन प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार मुद्रास्फीति में यह कमी उपभोक्ताओं और बाजार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार फिलहाल ब्याज दरों, मुद्रास्फीति और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। एशियाई बाजारों में दबाव और यूरोपीय बाजारों में मजबूती इसी मिश्रित वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को दर्शाती है।
