उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के साथ अब पुलिस विभाग को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस लाइन, थाना भवन, बैरक और अग्निशमन केंद्रों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा बेहद जरूरी है और तकनीकी मानकों में लापरवाही बरतने वालों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्यों में 100 प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जा रहा है। जिन परियोजनाओं में देरी की आशंका होगी वहां अतिरिक्त मैनपॉवर और तकनीकी विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे ताकि काम समय पर पूरा हो सके। साथ ही पुलिस आवास निगम में रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर जल्द भरा जाएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से 20 मई 2026 तक प्रदेश में 1,586 निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिन पर करीब 1,104 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। वर्तमान में राज्य के सभी 75 जिलों में निगम की छह निर्माण इकाइयों के माध्यम से 233 बड़ी परियोजनाओं पर काम जारी है। इन परियोजनाओं की निगरानी मोबाइल ऐप आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग और सामग्री परीक्षण के जरिए की जा रही है।
इन निर्माण परियोजनाओं के तहत हाईटेक बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, नए थाना भवन और अत्याधुनिक अग्निशमन केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस चौकियां, जीआरपी बैरक और एटीएस फील्ड यूनिट के कार्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं। महिला फरियादियों और महिला पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए थानों में विशेष प्रसाधन सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लगातार लाभ में चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम ने अब तक 11.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। सरकार का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आधुनिक और तनावमुक्त कार्य वातावरण देना है, ताकि वे बेहतर तरीके से अपराध नियंत्रण और जनसेवा का कार्य कर सकें।
