पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लागू करने जा रही है। इस संबंध में आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
यह निर्णय देश में सभी नागरिकों को समान और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को और मजबूती देगा। उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के शासनकाल में आयुष्मान भारत योजना राज्य में लागू नहीं की गई थी। अब इस योजना के लागू होने से पश्चिम बंगाल के लाखों पात्र परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक मानी जाती है। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। यह सुविधा द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार कराने के लिए उपलब्ध होती है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान होने वाले भारी खर्च से राहत देना है।
पश्चिम बंगाल के इस योजना से जुड़ने के साथ ही यह आयुष्मान भारत को लागू करने वाला देश का 36वां राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा। इससे पहले देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह योजना लागू हो चुकी है और करोड़ों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में देशभर में 36 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। इसके अलावा अब तक 44 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इन कार्डों के माध्यम से लाभार्थी देश के विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
योजना की शुरुआत के बाद से यह भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तन की एक मजबूत आधारशिला साबित हुई है। इससे लोगों के उपचार पर होने वाले निजी खर्च में कमी आई है और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर हुई है। सार्वजनिक और निजी अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क के कारण मरीजों को अपने क्षेत्र के बाहर भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के लागू होने से राज्य के गरीब और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही यह कदम देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
