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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया है, जिसके साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सात सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव राष्ट्र की सेवा में प्रधानमंत्री मोदी के निरंतर योगदान और उनके नेतृत्व में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों को रेखांकित करता है।
प्रस्ताव में सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले वर्षों में अभूतपूर्व स्तर पर लोगों को पक्के मकान, बिजली, स्वच्छ पेयजल और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त खाद्यान्न और 60 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल रहा है। प्रस्ताव के अनुसार इन प्रयासों ने देश के आत्मविश्वास को मजबूत किया है और 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में सहायता मिली है।
मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में युवाओं, महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। इसमें कहा गया है कि युवाओं पर विशेष ध्यान देने के कारण भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और चंद्रयान मिशन जैसी वैज्ञानिक उपलब्धियां हासिल कर चुका है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में धुआं-मुक्त रसोई, लखपति दीदी अभियान और विधानमंडलों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी कानून को महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में उल्लेखित किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास मॉडल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
किसानों को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए प्रस्ताव में पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पशुपालकों और मछुआरों तक किसान क्रेडिट कार्ड की पहुंच बढ़ाने जैसे कदमों की सराहना की गई है। इन पहलों के परिणामस्वरूप कृषि निर्यात पांच लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।
प्रस्ताव में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि इन पहलों ने रक्षा उत्पादन से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तक कई क्षेत्रों में भारत की विनिर्माण क्षमता को मजबूत किया है और देश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
इस बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण (2ए) को भी मंजूरी दे दी है। यह परियोजना कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट तक के कॉरिडोर को कवर करेगी। लगभग छह किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पांच मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 78 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे हवाई अड्डे तक निर्बाध कनेक्टिविटी और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्र सरकार की दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें केंद्रीय सरकारी कार्यालय परिसर और सरकारी आवासीय परिसरों का निर्माण शामिल है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार को रेखांकित करता है तथा उनके लंबे सार्वजनिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
