घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते प्रमुख शेयर सूचकांकों ने आधे प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और रुपये की मजबूती ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 544 अंक यानी 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,808 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 135 अंक यानी 0.6 प्रतिशत चढ़कर 23,989 अंक पर पहुंच गया।
बाजार में तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। एनएसई के मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में भी 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा विभिन्न क्षेत्रों और कंपनियों में बना हुआ है।
विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राहत लेकर आई है। इससे महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। साथ ही रुपये के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का रुख बना रह सकता है।
