वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के मध्य में भारत की सेवा गतिविधियों में तेज गति से विस्तार दर्ज किया गया है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (HSBC India Services PMI) जुलाई के 53.3 से बढ़कर अगस्त में 54.1 पर पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार, मांग की अनुकूल स्थिति और नए ऑर्डर में बढ़ोतरी से कारोबारी गतिविधियों में यह तेजी आई है। हालांकि, इस सुधार के बावजूद विस्तार की कुल गति मार्च 2022 के बाद दूसरी सबसे कमजोर गति रही है।
सेवा क्षेत्र से जुड़ी मुख्य बातें:
- रोजगार में बड़ी तेजी: सेवा क्षेत्र में भर्ती गतिविधियों में उल्लेखनीय उछाल देखा गया और रोजगार सृजन की दर 15 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। लगभग 11 प्रतिशत कंपनियों ने डिजिटल क्षमताओं, बिक्री और ग्राहक सेवा को मजबूत करने के लिए नए कर्मचारियों को जोड़ा।
- अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर: ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, जापान, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई जैसे बाजारों से निर्यात ऑर्डर में वृद्धि जारी रही।
- लागत और कीमतें: बिजली, श्रम और मार्केटिंग लागत में बढ़ोतरी के चलते सेवा प्रदाताओं ने मार्च के बाद बिक्री शुल्क में सबसे तेज वृद्धि की ताकि मुनाफा मार्जिन बना रहे।
- कंपोजिट इंडेक्स: एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त में 54.3 पर स्थिर रहा। विनिर्माण क्षेत्र में आई नरमी की भरपाई सेवा क्षेत्र की बढ़त ने कर दी।
एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा कि मजबूत उत्पादन और नए कारोबार से सेवा क्षेत्र को समर्थन मिला है, लेकिन कुछ कंपनियों ने प्रतिस्पर्धा, कमजोर बुकिंग और परिवहन समस्याओं की चुनौतियां भी दर्ज की हैं। आने वाले 12 महीनों के लिए कारोबारी धारणा काफी हद तक सकारात्मक बनी हुई है।
