भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अपनी समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं को और मजबूत करते हुए पहला स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल (एसीवी) यानी होवरक्राफ्ट सेवा में शामिल कर लिया है। यह होवरक्राफ्ट गोवा में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान 18 जून 2026 को औपचारिक रूप से तटरक्षक बेड़े का हिस्सा बना।
इस आधुनिक एयर कुशन व्हीकल का निर्माण भारतीय कंपनी चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह भारतीय तटरक्षक बल के लिए तैयार किए जा रहे छह स्वदेशी एसीवी में से पहला वाहन है। इन होवरक्राफ्ट्स का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता को बढ़ाना और बदलती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करना है।

होवरक्राफ्ट को सेवा में शामिल किए जाने से तटीय निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, समुद्री कानून प्रवर्तन और आपदा राहत कार्यों में तटरक्षक बल की दक्षता बढ़ेगी। यह परियोजना भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती प्रदान करती है और देश के बढ़ते समुद्री विनिर्माण एवं रक्षा औद्योगिक आधार की क्षमता को प्रदर्शित करती है।
गोवा में आयोजित दीक्षांत समारोह में भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जहाज निर्माण उद्योग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर संगठन की आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि तटरक्षक बल लगातार नई तकनीकों और स्वदेशी प्लेटफॉर्म को अपनाकर देश के समुद्री हितों की सुरक्षा को और सुदृढ़ बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह एयर कुशन व्हीकल्स की खरीद का अनुबंध रक्षा मंत्रालय और चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित किया गया था। इस परियोजना के तहत आने वाले समय में अन्य होवरक्राफ्ट भी तटरक्षक बेड़े में शामिल किए जाएंगे, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
