प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की 7.8 प्रतिशत की तिमाही विकास दर को देश की आर्थिक मजबूती का प्रतीक बताया है। नई दिल्ली स्थित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ (नीतिगत पक्षाघात) के दौर से निकलकर ‘पॉलिसी डायनामिज्म’ (नीतिगत गतिशीलता) तक का एक लंबा सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनते देख रही है।
एसआरसीसी के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संस्थान ने वर्षों से छात्रों को सीखने, आगे बढ़ने और बदलाव लाने के अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्रों को ‘बेहद खास’ और ‘द ओजी’ (OGs) कहकर संबोधित किया। पूर्व वित्त मंत्री दिवंगत अरुण जेटली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एसआरसीसी के एल्युम्नाई ने कला से लेकर राजनीति तक हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतवासी मिलकर देश को ‘विकसित’ और ‘आत्मनिर्भर’ बनाएंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी अपने विचार रखे और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। वैश्विक बाजार में कुशल कार्यबल की बढ़ती मांग को उन्होंने युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उल्लेखनीय है कि इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली मेट्रो से यात्रा की।
