प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बालोतरा और गुजरात के साणंद में देश के विकास को नई गति देने वाली कई बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये है।
राजस्थान के बालोतरा में प्रधानमंत्री ने देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित किया। पचपदरा में स्थापित यह 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता वाला कॉम्प्लेक्स हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसे 79,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 की आधारशिला भी रखी। 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना के तहत प्रह्लादपुरा से टोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें 36 स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर सीतापुरा और विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया को जोड़ेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने चूरू-सादुलपुर और चूरू-रतनगढ़ रेल डबलिंग परियोजनाओं तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-125A के जोधपुर रिंग रोड सेक्शन-2 का लोकार्पण किया।
ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने SJVN Limited की 1,000 मेगावाट बीकानेर सोलर एनर्जी परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। साथ ही राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी ज़ोन के लिए 1,900 करोड़ रुपये से अधिक लागत की ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन किया और 530 किलोमीटर लंबे नए पावर ट्रांसमिशन सिस्टम की आधारशिला रखी।
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित लगभग 54 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चुनौतियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, नया भारत अपने संकल्प से पीछे नहीं हटता।
प्रधानमंत्री ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। 480 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। इसकी वास्तुकला राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने जोधपुर में संशोधित UDAN Scheme योजना का शुभारंभ किया। अगले 10 वर्षों के लिए 28,840 करोड़ रुपये के आवंटन वाली यह योजना क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई मजबूती देगी।
वहीं, गुजरात के साणंद में प्रधानमंत्री मोदी आज भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत विकसित CG Semi OSAT सुविधा का उद्घाटन करेंगे। 7,500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली यह परियोजना भारत के तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने पर यह सुविधा हर साल 5 अरब तक सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन कर सकेगी। इससे अगले पांच वर्षों में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत की रिफाइनिंग क्षमता बढ़कर 320 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। वहीं केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता मिशन में बड़ा कदम बताया।
