भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) 96.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर (964 मिलियन डॉलर) बढ़कर 675.1 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (Foreign Currency Assets) हैं। समीक्षा अवधि के दौरान इनमें 93 करोड़ अमेरिकी डॉलर (930 मिलियन डॉलर) की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे इनका कुल स्तर 546.5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
वहीं, स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) में 2.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर (24 मिलियन डॉलर) की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 105.2 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।
आरबीआई के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित स्थिति (Reserve Position) भी 70 लाख अमेरिकी डॉलर (7 मिलियन डॉलर) बढ़कर लगभग 4.8 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई।
इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights – SDR) में 30 लाख अमेरिकी डॉलर (3 मिलियन डॉलर) की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद इसका स्तर 18.62 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़ोतरी भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश की वित्तीय स्थिरता को भी मजबूत करती है।
