केंद्र सरकार ने ईंधन निर्यात कर की अपनी नवीनतम पाक्षिक समीक्षा के तहत पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) में संशोधन किया है। संशोधित दरों के अनुसार, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क बढ़ाकर 25 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, जेट ईंधन (ATF) पर लागू शुल्क को घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ये नई संशोधित दरें आज से ही प्रभाव में आ गई हैं। हालांकि, घरेलू खपत के लिए उपयोग किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और निर्यात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से इसी वर्ष 27 मार्च से पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर यह विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू किया गया था। इन दरों की समीक्षा हर पखवाड़े (15 दिनों में) की जाती है, और इससे पिछला संशोधन 15 अगस्त 2026 से लागू हुआ था। यह दरें पिछली समीक्षा के बाद की अवधि में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर तय की जाती हैं।
