प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार लगातार कठोर कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद पिछले ढाई महीनों में कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है और इस प्रकरण में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना थी कि विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक वर्ष व्यर्थ न जाए। इसी उद्देश्य से परीक्षाओं का जल्द से जल्द आयोजन करना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागों ने लगातार कार्य करते हुए देर रात तक मसौदा तैयार कर उन्हें सौंप दिया।
उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक अदालतों और सख्त दंड संबंधी प्रावधानों वाला यह मसौदा आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। मंत्रिमंडल के सहयोगियों के सुझावों को शामिल करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है और सरकार इस विधेयक को यथाशीघ्र संसद से पारित कराने का हर संभव प्रयास करेगी।
