केंद्र सरकार ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख उद्योग एवं संस्थागत भागीदारों के साथ पांच रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कैशफ्री पेमेंट्स, डार्विन डायनेमिक्स, वल्चर इंडिया, कार्स24 और काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया के साथ किए हैं।
डिजिटल ढांचे और भुगतान व्यवस्था को मिलेगा समर्थन
कैशफ्री पेमेंट्स के साथ हुआ समझौता स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसके तहत डीपीआईआईटी की संस्थागत पहुंच और कैशफ्री पेमेंट्स की डिजिटल भुगतान विशेषज्ञता को जोड़कर स्टार्टअप्स को तेजी से विस्तार करने में सहायता दी जाएगी। इससे भारत के नवाचार आधारित विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा
डार्विन डायनेमिक्स एलएलपी के साथ एमओयू का उद्देश्य उद्यमिता विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इसके माध्यम से स्टार्टअप इंडिया पहल की पहुंच टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, संस्थागत नेटवर्क, बाजार के अवसर और क्षमता निर्माण से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी सहयोग किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को मिलेगी क्लाउड और तकनीकी सुविधाएं
वल्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौते के जरिए डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत स्टार्टअप्स को क्लाउड कंप्यूटिंग संसाधनों, तकनीकी क्षमता निर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे वे अपने कारोबार का विस्तार और नवाचार अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें।
ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा
डीपीआईआईटी ने कार्स24 सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ भी साझेदारी की है। इसका उद्देश्य भारत के मोबिलिटी और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।
इस सहयोग के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार, संस्थापकों के विकास, कौशल निर्माण, निवेश के अवसर और सड़क सुरक्षा से जुड़ी पहलों को समर्थन देने पर जोर दिया जाएगा।
वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मिलेगी मदद
काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया के साथ हुए एमओयू का उद्देश्य डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को निवेश, रणनीतिक साझेदारी, मार्गदर्शन, नेतृत्व विकास और वैश्विक बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराने में सहायता करना है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इन साझेदारियों के माध्यम से नवाचार आधारित उद्यमों की वृद्धि को गति देने, उन्हें टिकाऊ तरीके से विस्तार करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
