भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया है कि उसकी विशेष अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपया (USD-INR) फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत 21 अगस्त 2026 तक देश में 72.85 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा का प्रवाह हुआ है। इसमें सबसे बड़ा योगदान फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) जमा का रहा, जिसके जरिए 65.4 अरब डॉलर आए।
RBI के अनुसार, कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह में ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग्स (OFCBs) से 4.86 अरब डॉलर और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECBs) से 2.59 अरब डॉलर प्राप्त हुए।
RBI ने कमजोर होते रुपये के बीच डॉलर के प्रवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 जून 2026 को विशेष USD-INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू की थी। इसमें FCNR(B) जमा, ECBs और OFCBs के जरिए आने वाले विदेशी मुद्रा प्रवाह को शामिल किया गया था।
यह सुविधा पहले सितंबर के अंत तक उपलब्ध थी, लेकिन योजना को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया और देश में आवश्यक विदेशी मुद्रा प्रवाह सुनिश्चित होने के बाद इसकी अवधि एक महीने घटा दी गई। अब FCNR(B) जमा के लिए यह सुविधा 31 अगस्त 2026 तक खुली रहेगी, जबकि ECBs और OFCBs के लिए सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।
