रायबरेली का सातवां स्थापना दिवस मंगलवार को भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पाल और राधा रंगराजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्थान की शैक्षणिक, चिकित्सकीय और प्रशासनिक उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
मुख्य अतिथि विनोद कुमार पाल को देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के डिजाइन का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और आम जनता तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने गरीब और वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर AIIMS की कार्यकारी निदेशक डॉक्टर अमित जैन ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक OPD विभाग में करीब 20 लाख मरीजों का इलाज किया जा चुका है, जबकि IPD में 50 हजार मरीजों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके अलावा संस्थान में 12 हजार से अधिक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि AIIMS रायबरेली के मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 1023 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान अकादमिक सत्र 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला।
संस्थान के अध्यक्ष पद्म विभूषित डॉक्टर बी. आर. रमणी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान अब बाल्यावस्था से निकलकर आगे बढ़ने और तेजी से दौड़ने की स्थिति में आ चुका है। उन्होंने इसे भविष्य में देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल होने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।
वहीं, डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव ने चिकित्सा क्षेत्र में AIIMS रायबरेली की नई उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। स्थापना दिवस समारोह ने संस्थान की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य को दर्शाया।
