गया कॉलेज, गया में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दक्षिण बिहार के 67वें प्रांत अधिवेशन के दूसरे सत्र का उद्घाटन सोमवार को किया गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. मिलिंद कांबले ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. मिलिंद कांबले ने कहा कि देश में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद मैकाले कालीन गुलामी वाली शिक्षा व्यवस्था से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह नीति न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि विद्यार्थियों को राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक भी बनाएगी।
डॉ. कांबले ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उद्देश्यों और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संगठन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी लंबे समय से छात्र हितों के लिए संघर्ष कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का कार्य कर रही है। संगठन की मजबूती और विचारधारा ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
गौरतलब है कि गया कॉलेज, गया परिसर में आयोजित यह प्रांत अधिवेशन तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षा, छात्र हित, राष्ट्रीय विषयों और संगठनात्मक गतिविधियों पर मंथन किया जा रहा है। अधिवेशन में दक्षिण बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।
