उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में राजस्व से जुड़े सभी मामले—चाहे पैमाइश, नामांतरण हो या आबादी दर्ज करना—मेरिट के आधार पर ही निपटाए जाएं।
सीएम योगी ने कहा कि नामांतरण और विरासत के मामलों में ऐसी प्रणाली विकसित की जाए, जिससे यह कार्य ऑटो मोड पर हो सके। इससे नागरिकों को सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय मिलेगा। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, नक्शा तथा रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को शीघ्र लागू करने के प्रयासों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में रोवर से पैमाइश के लिए न केवल रोवर की खरीद सुनिश्चित करने, बल्कि अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रेनिंग कराने और पूरी प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए मजबूत फ्रेमवर्क तैयार करने पर बल दिया। इन कदमों से राजस्व कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को राहत मिलेगी।
