अंडर-19 वर्ल्ड कप के सुपर सिक्स मुकाबले में भारत अंडर-19 टीम ने पाकिस्तान अंडर-19 को हराकर शानदार जीत दर्ज की और ग्रुप टॉपर के रूप में सेमीफाइनल में जगह बनाई। पाकिस्तान टीम न तो सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकी और न ही भारत के खिलाफ जीत हासिल कर पाई। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 253 रन का लक्ष्य 33.3 ओवर में हासिल करना था, लेकिन मुश्किल पिच और अनियमित उछाल के कारण टीम आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर सकी।
मैच के दौरान पिच लगातार बल्लेबाजी के लिए कठिन होती गई, जिससे पाकिस्तान के लिए सामान्य लक्ष्य हासिल करना भी मुश्किल हो गया। भारत को ग्रुप टॉपर बनने के लिए जीत जरूरी थी, जिससे सेमीफाइनल में उसका मुकाबला अफगानिस्तान से तय हुआ। अगर भारत हार जाता तो उसे ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना पड़ता।
भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो टीम ने संघर्षपूर्ण स्थिति से वापसी की। एक समय भारत का स्कोर 47 रन पर 3 विकेट और बाद में 200 रन पर 7 विकेट हो गया था। इसके बाद वेदांत त्रिवेदी ने 98 गेंदों में 68 रन बनाकर पारी को संभाला। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी अहम योगदान दिया। कनिष्क चौहान ने 35 रन, आरएस अंब्रिश ने 29 रन और खिलान पटेल ने तेज 21 रन बनाए। पाकिस्तान की धीमी फील्डिंग भी टीम पर भारी पड़ी और आखिरी चार ओवर में भारत ने 39 रन जोड़ दिए।
पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन चौथे नंबर के बाद बल्लेबाजी कमजोर नजर आई। भारत के स्पिन गेंदबाजों ने पिच का पूरा फायदा उठाया और पाकिस्तान के बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका। भारत की रणनीति बेहतर साबित हुई। टीम ने परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा और 200 से ज्यादा का स्कोर बनाकर मैच पर पकड़ बना ली।
पाकिस्तान की पारी के दौरान उस्मान खान और कप्तान फरहान यूसुफ के बीच 63 रन की साझेदारी हुई, जिससे टीम मजबूत स्थिति में नजर आई। हालांकि यूसुफ के आउट होने के बाद पाकिस्तान की पारी बिखर गई। टीम ने 8 विकेट सिर्फ 43 रन के भीतर गंवा दिए।
भारत की गेंदबाजी में कनिष्क चौहान ने 10 ओवर में 30 रन देकर 1 विकेट लिया। कप्तान आयुष म्हात्रे और खिलान पटेल ने तीन-तीन विकेट लेकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।
इस मैच में भारत ने रणनीति, धैर्य और टीम की गहराई का शानदार प्रदर्शन किया। पाकिस्तान टीम को खराब फील्डिंग, गेंदबाजी में अनुशासन की कमी और बल्लेबाजी में सही रणनीति की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ा।
