राजनांदगांव जिले के ठाकुर टोला स्थित कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) में विश्व ऑटिज्म जागरूकता माह के उपलक्ष्य में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस प्रतिवर्ष 2 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसे समाज में ऑटिज्म के प्रति समझ और संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से पूरे माह विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष के कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति समावेशिता और उनके अधिकारों को बढ़ावा देना है।
इस विशेष अवसर पर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं। अपने संबोधन के दौरान डॉ. शर्मा ने ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों और उनके अभिभावकों के संघर्षों के प्रति समाज को और अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन बच्चों में असीम प्रतिभा होती है और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें समान अवसर प्रदान कर मुख्यधारा से जोड़ा जाए। कार्यक्रम में मौजूद सीआरसी सेंटर की डायरेक्टर श्रीमती स्मिता मोहबिया ने भी इस पहल के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्र का प्रयास समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और समावेशी वातावरण तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान माहौल को जीवंत बनाने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उनकी प्रतिभा देखते ही बनती थी। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए सहायक उपकरणों का वितरण किया गया ताकि उनका दैनिक जीवन सुगम हो सके। अभिभावकों और देखभालकर्ताओं के साथ एक विशेष संवाद सत्र भी रखा गया, जहाँ विशेषज्ञों ने ऑटिज्म के वर्तमान परिदृश्य और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नृत्य एवं संगीत की शानदार प्रस्तुतियां रहीं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
