गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने आगामी चारधाम यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना साझा की है। उन्होंने कहा है कि इस वर्ष की यात्रा को पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए और अधिक डिजिटल, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या यातायात संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला एक विशेष चारधाम कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जाएगी।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पूरे यात्रा मार्ग को सुनियोजित ढंग से विभाजित किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक के अनुसार, इस पूरी यात्रा व्यवस्था को सुरक्षा की दृष्टि से 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टरों में बांटा गया है, जिससे हर क्षेत्र पर स्थानीय पुलिस की सीधी पकड़ बनी रहे। तकनीकी का उपयोग करते हुए यात्रा मार्गों पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अतिरिक्त, भीड़ नियंत्रण और दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा, ताकि पुलिस किसी भी भीड़भाड़ वाले स्थान पर वास्तविक समय में स्थिति का जायजा ले सके।
यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन ने भारी मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती की है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए कुल सात हजार पुलिसकर्मियों को यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर तैनात किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने विश्वास जताया है कि इन आधुनिक तकनीकों, सुव्यवस्थित प्रशासनिक जोन और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती से इस वर्ष की चारधाम यात्रा न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद अनुभव में परिवर्तित हो जाएगी। पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ इस यात्रा के औपचारिक शुभारंभ की तैयारियों में जुटा है।
