घरेलू शेयर बाजारों के लिए पिछले तीन दिनों से जारी तेजी के सिलसिले पर आज विराम लग गया। आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली और वैश्विक स्तर पर उपजे भू-राजनीतिक तनाव के चलते प्रमुख सूचकांकों में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज कारोबार के अंत में 757 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 78,516 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 199 अंक टूटकर 24,378 के स्तर पर सिमट गया।
हालांकि प्रमुख सूचकांकों में आई इस गिरावट के बावजूद बाजार के व्यापक दायरे (broader market) में थोड़ी राहत देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिड-कैप 100 सूचकांक ने 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया, जबकि स्मॉल-कैप 100 सूचकांक में 1.1 प्रतिशत से अधिक की मजबूती देखी गई। इससे यह संकेत मिलता है कि मुख्य सूचकांकों के दबाव में रहने के बावजूद निवेशकों का एक वर्ग अभी भी छोटे और मध्यम स्तर की कंपनियों में विश्वास बनाए हुए है।
बाजार में आज कारोबार की शुरुआत ही नकारात्मक रही और सत्र के दौरान यह दबाव पूरे दिन बना रहा। बाजार जानकारों के अनुसार, निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव को माना जा रहा है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी नाकाबंदी को तब तक जारी रखेगा जब तक ईरान संघर्ष विराम प्रस्ताव पर अपनी सहमति नहीं जता देता। इस वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर पड़ा, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में किसी भी हलचल का सीधा प्रभाव इस सेक्टर की आय और सेंटीमेंट पर पड़ता है। बाजार के भागीदार अब वैश्विक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में बाजार की चाल इन्हीं अंतरराष्ट्रीय स्थितियों पर निर्भर रहने की संभावना है।
