ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के भव्य समापन के साथ ही अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेल 2030 की औपचारिक उलटी गिनती शुरू हो गई। समापन समारोह में भारत ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक कला और प्राचीन दर्शन की झलक पेश करते हुए दुनिया को वर्ष 2030 में अहमदाबाद आने का आमंत्रण दिया। यह प्रस्तुति राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण की मेजबानी की भारत की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ भी थी।
समापन समारोह में ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रिंस एडवर्ड, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग ने खेलों के समापन की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने सभी देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ियों से चार वर्ष बाद अहमदाबाद में आयोजित होने वाले 24वें राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेलों के ध्वज का औपचारिक हस्तांतरण किया गया। स्कॉटलैंड और भारत के ध्वजवाहकों की अगुवाई में खेल ध्वज को मंच तक लाया गया। इसके बाद ग्लासगो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलेरन ने ध्वज को कॉमनवेल्थ गेम्स स्कॉटलैंड की उपाध्यक्ष सुसान जैक्सन, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और अंत में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा। इसके साथ ही मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से स्कॉटलैंड से भारत को हस्तांतरित हो गई।
भारत इससे पहले वर्ष 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की सफल मेजबानी कर चुका है। अब वर्ष 2030 में अहमदाबाद इस प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजन की मेजबानी करेगा।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। 11 दिनों तक चले इस प्रतियोगिता में भारतीय दल के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने देशवासियों को गर्व का अवसर प्रदान किया और अब सभी की निगाहें 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं।
