भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने जुलाई 2026 में अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड बनाया है। जुलाई महीने में यूपीआई के माध्यम से 23.66 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपये रहा। यह अब तक का सर्वाधिक मासिक लेनदेन है और भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की लगातार बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि को भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह उपलब्धि देश के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के निरंतर विस्तार को दर्शाती है। विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में यूपीआई का तेजी से बढ़ता उपयोग इसकी सफलता का प्रमुख कारण है।
आज यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम भुगतान मंच बन चुका है और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला के रूप में स्थापित हो गया है। इसने वित्तीय लेनदेन को तेज, सुरक्षित और आसान बनाने के साथ-साथ देश में वित्तीय समावेशन को भी नई गति दी है।
11 अप्रैल 2016 को शुरू की गई यूपीआई सेवा ने पिछले दस वर्षों में उल्लेखनीय विकास किया है। एक छोटे डिजिटल प्रयोग के रूप में शुरू हुई यह प्रणाली आज वैश्विक स्तर पर होने वाले त्वरित डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग आधा हिस्सा संचालित कर रही है। यूपीआई ने न केवल डिजिटल कारोबार को बढ़ावा दिया है, बल्कि भारत को डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिलाई है।
