छोटी दीपावली के पावन अवसर पर राम नगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव का भव्य और अलौकिक आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद से हर साल यह वार्षिक उत्सव बेहद धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है।
इस वर्ष दीपोत्सव के दौरान पवित्र सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक (दीये) एक साथ प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे पूरी राम नगरी अलौकिक प्रकाश से नहा उठी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अयोध्या आध्यात्मिक और आधुनिक विकास का प्रतीक: उपराष्ट्रपति
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पवित्र नगरी अपनी दिव्य परंपराओं को सहेजते हुए तेजी से एक भव्य वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रही है।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू मैया की भव्य आरती उतारी। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “भगवान श्री राम भारत के स्वाभिमान का प्रतीक हैं। यही कारण है कि हमारे धर्मग्रंथों में अयोध्या को सात पवित्र पुरियों (सप्तपुरी) में प्रथम स्थान दिया गया है।”
सांस्कृतिक कार्यक्रम और राम कथा पार्क में राज्याभिषेक
दीपोत्सव के अवसर पर ‘राम की पैड़ी’ पर एक शानदार लेजर शो और जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इसके साथ ही श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी 1 लाख दीपकों से सजाया गया।
इससे पहले राम कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूपों का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रभु श्री राम के रथ को खींचकर दीपोत्सव का शुभारंभ किया।
