बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब हर सोमवार और शुक्रवार को पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम जनता की समस्याओं का प्रत्यक्ष समाधान किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनकी शिकायतों का त्वरित निवारण हो सकेगा।
लौरिया प्रखंड में इस आदेश को लागू कर दिया गया है। इसकी जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संजीव कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की सात निश्चय योजना के अंतिम निश्चय—“सबका सम्मान, जीवन आसान” और “जन शिकायत सुनी दिवस” के तहत शुरू की गई है।
निर्देशों के अनुसार, निर्धारित दोनों दिनों में संबंधित अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और आम नागरिकों की शिकायतें सुनकर मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करेंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें तथा कार्यालयों में बैठने की उचित व्यवस्था और पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करें।
यदि किसी कारणवश संबंधित अधिकारी अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके स्थान पर विभाग के किसी अन्य सक्षम अधिकारी को शिकायतों की सुनवाई और समाधान की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि व्यवस्था बाधित न हो।
इस अवसर पर श्रम निरीक्षक स्तुति कुमारी, बीपीआरओ सोनाली कुमारी, मो. जावेद सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन को अधिक जन-केंद्रित और जवाबदेह बनाने की दिशा में इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
