दुनिया के सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित चौराहों में शुमार न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर (Times Square) पर दिवाली का जश्न अब एक भव्य वैश्विक परंपरा बन चुका है। टाइम्स स्क्वायर पर आधिकारिक रूप से दिवाली मनाने की शुरुआत साल 2013 में हुई थी। भारतीय प्रवासियों और सांस्कृतिक संगठनों के प्रयासों से शुरू हुआ यह आयोजन धीरे-धीरे इतना बड़ा हो गया कि आज यह दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और विविधता का प्रतीक बन चुका है।
टाइम्स स्क्वायर पर दिवाली के इतिहास के मुख्य पड़ाव:
- शुरुआत (2013): भारतीय-अमेरिकी समुदाय और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने न्यूयॉर्क के दिल में दीपावली की रोशनी और संस्कृति को फैलाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की।
- बढ़ता दायरा और वैश्विक पहचान: पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय कलाकार, पारंपरिक संगीत, नृत्य प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक बाजार (कल्चरल बाजार) शामिल होने लगे। यहां का प्रसिद्ध ‘बॉल ड्रॉप टॉवर’ भी दिवाली की काउंटडाउन और रोशनी का गवाह बनता है।
- ऐतिहासिक मान्यता (2023): न्यूयॉर्क शहर के लिए यह साल बेहद खास रहा जब तत्कालीन मेयर और स्थानीय प्रशासन द्वारा आधिकारिक तौर पर अक्टूबर के अंत को ‘टाइम्स स्क्वायर पर दिवाली दिवस’ घोषित किया गया। इसके साथ ही न्यूयॉर्क के स्कूलों में भी दिवाली को आधिकारिक अवकाश घोषित कर दिया गया, जिससे इस पर्व की गूंज अमेरिकी मुख्यधारा में और अधिक मजबूत हुई।
आज टाइम्स स्क्वायर पर आयोजित होने वाली दिवाली सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं रह गई है, बल्कि यह अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों की बढ़ती सांस्कृतिक ताकत और वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते सांस्कृतिक प्रभाव का एक जीवंत उदाहरण है। हर साल यहाँ हज़ारों की संख्या में लोग एकत्र होकर रोशनी के इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं।
