पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह और राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का 5 फरवरी 2023 को लंबी बीमारी के बाद दुबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। परिवार और मीडिया सूत्रों के अनुसार, वे लंबे समय से ‘एमाइलॉयडोसिस’ (Amyloidosis) नामक एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले काफी समय से उनका इलाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अमेरिकी अस्पताल में चल रहा था।
दिल्ली में हुआ था जन्म
जनरल परवेज मुशर्रफ का जन्म 11 अगस्त 1943 को ब्रिटिश भारत के दौरान दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुआ था। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के ठीक पहले उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा कराची और लाहौर में पूरी की तथा बाद में पाकिस्तानी सेना में शामिल हो गए।
सैन्य तख्तापलट से लेकर सत्ता के शीर्ष तक
परवेज मुशर्रफ साल 1998 में पाकिस्तान के सेना प्रमुख बने थे। उनके कार्यकाल के दौरान ही साल 1999 में भारत के खिलाफ कारगिल युद्ध हुआ था। अक्टूबर 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्तापलट कर उन्होंने पाकिस्तान की सत्ता अपने हाथ में ले ली और साल 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में शासन किया।
विवादों और कानूनी कार्रवाई से जुड़ा रहा अंतिम दौर
अपने शासनकाल के बाद मुशर्रफ को देश में भारी राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा। वर्ष 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के मामले में उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया था। दिसंबर 2019 में एक विशेष अदालत ने उन्हें राजद्रोह के मामले में मौत की सजा भी सुनाई थी, जिसे बाद में कानूनी प्रक्रियाओं के तहत बदल दिया गया था। साल 2016 से वे इलाज के सिलसिले में दुबई में ही रह रहे थे। उनके निधन पर पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) सहित कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
