जून महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से अब तक 53,022 करोड़ रुपये की निकासी की है। हालांकि, महीने के दूसरे हिस्से में बिकवाली का दबाव काफी कम होता दिखाई दिया है। चुनिंदा खरीदारी के चलते एफपीआई पिछले सप्ताह के सभी चार कारोबारी सत्रों में शुद्ध खरीदार बने रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में स्थिरता आने से पिछले दो सप्ताह में विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में रुचि फिर से बढ़ी है। इससे इक्विटी बाजार में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा इस महीने की शुरुआत में घोषित कई महत्वपूर्ण उपायों का असर भारतीय डेट मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। इन कदमों का उद्देश्य स्थिर दीर्घकालिक विदेशी पूंजी को आकर्षित करना, सरकारी प्रतिभूति बाजार को मजबूत करना और देश के ऋण बाजार को गहराई देना है।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, जून में भारतीय डेट मार्केट में रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया है। Debt General Limit श्रेणी में अब तक 24,518 करोड़ रुपये का निवेश आया है।
वहीं, Fully Accessible Route (FAR) के तहत 20,958 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया है। इसके अलावा Voluntary Retention Route (VRR) श्रेणी में 3,518 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय डेट मार्केट में बढ़ता विदेशी निवेश निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है और आने वाले समय में यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत साबित हो सकता है।
