कुरुक्षेत्र में हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय हरियाणा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रव्यापी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। इस अभियान की शुरुआत जनवरी 2015 में हरियाणा के पानीपत से की गई थी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि जन्म के समय बाल लिंग अनुपात, जो 2014 में प्रति एक हजार लड़कों पर 871 लड़कियों था, नवंबर 2025 में बढ़कर लगभग 915 हो गया है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पिछले एक दशक में हरियाणा ने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हरियाणा की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि मनु भाकर, स्वीटी बूरा और जैस्मीन लंबोरिया सहित अनगिनत बेटियां अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों से हरियाणा और देश को गौरवान्वित कर रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने ओलंपिक खेलों, पैरालंपिक खेलों, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व चैंपियनशिप में उत्कृष्ट सफलता हासिल करते हुए भारत के खेल इतिहास में असाधारण योगदान दिया है।
इस अवसर पर बोलते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेहनती किसान, बहादुर सैनिक, कुशल खिलाड़ी और सशक्त महिलाएं हरियाणा की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि जब 1966 में आज ही के दिन हरियाणा का गठन हुआ था, तब इसे एक पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था, लेकिन आज हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। श्री सैनी ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, उद्यमियों, व्यापारियों, खिलाड़ियों और महिलाओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियां कृषि और खेल से लेकर सशस्त्र बलों और स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में राज्य का नाम रोशन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हरियाणा भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 3.6 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि यह राज्य किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 24 फसलें खरीदने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को गौरवान्वित किया है।
