प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कुआलालंपुर में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ व्यापक स्तर की बातचीत की। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच कई समझौते और दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ, जिनमें आपदा प्रबंधन, ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन, भ्रष्टाचार रोकथाम, सेमीकंडक्टर विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच 2024 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर, रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी होने के साथ-साथ मजबूत सांस्कृतिक और मानवीय रिश्तों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देश समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियान में सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति स्पष्ट है — इसमें कोई दोहरा मापदंड या समझौता नहीं होगा।
बैठक के बाद दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सेमीकंडक्टर, आपदा प्रबंधन, शांति स्थापना और तकनीकी सहयोग से जुड़े समझौते प्रमुख हैं। दोनों देशों ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार को और आगे ले जाने पर भी सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच सहयोग ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत जन-से-जन संपर्क हैं और मलेशिया में बड़ी भारतीय मूल की आबादी दोनों देशों को जोड़ने का काम करती है।
ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन समझौते का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे फिल्म और संगीत क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा, खासकर तमिल सिनेमा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान मजबूत होगा। साथ ही विश्वविद्यालय एक्सचेंज, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप सहयोग को भी बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने CEO कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया, जहां निवेश और उद्योग सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई। सेमीकंडक्टर क्षेत्र को दोनों देशों के बीच सहयोग का प्रमुख क्षेत्र माना जा रहा है। भारत की डिजाइन क्षमता और मलेशिया की मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग विशेषज्ञता एक-दूसरे को मजबूती दे सकती है।
भारत और मलेशिया ने ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी करने पर भी सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तेजी से वैश्विक विकास का केंद्र बन रहा है और दोनों देश क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग के तहत दोनों देशों के बीच मानव तस्करी, ट्रांसनेशनल क्राइम और हिंसक उग्रवाद से निपटने के लिए भी सहयोग जारी रहेगा।
यह प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया का तीसरा आधिकारिक दौरा है और इसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, रक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में बड़े अवसर पैदा कर सकती है।
