दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री क्युंघून किम ने रविवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की है, जो पूरी तरह सराहना की हकदार है। उनके अनुसार, देश की निरंतर मजबूत आर्थिक वृद्धि और बेहतर होती आर्थिक स्थिति भविष्य के प्रति एक मजबूत आशावाद का आधार प्रदान करती हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में किम ने कहा कि भारत के सामने अब भी कई चुनौतियां हैं, लेकिन तेजी से आर्थिक विकास करने की उसकी क्षमता और मध्यम अवधि में मजबूत वृद्धि की संभावनाएं बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
किम ने कहा, “मेरा निष्कर्ष अब भी वही है। भारत के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन विशेष रूप से पिछले एक दशक में देश ने जो आर्थिक प्रगति की है और मध्यम अवधि में विकास की जो सकारात्मक संभावनाएं हैं, वे सराहना के योग्य हैं। 1.4 अरब की आबादी वाले देश के लिए यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है।”
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक विकास यात्रा का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक सहित लगभग सभी प्रमुख वैश्विक संस्थानों ने चालू और अगले वर्ष के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 7 प्रतिशत से अधिक कर दिया है।
अर्थशास्त्री किम के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने असाधारण मजबूती दिखाई है। महामारी के दौर में जहां अर्थव्यवस्था में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी, वहीं 2021 में इसमें 9.7 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद लगातार चार वर्षों तक विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर बनी रही। बेहतर जीडीपी आंकड़ों के चलते उन्हें और अन्य वैश्विक अर्थशास्त्रियों को अपने विकास अनुमानों में बार-बार बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
उन्होंने रेखांकित किया कि इसके परिणामस्वरूप भारत ने लगातार पांच वर्षों तक 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर दर्ज की है। यह शानदार प्रदर्शन 2003 से 2007 के उस दौर के बराबर है, जब भारत पहली बार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ था। वर्ष 2021 से 2025 के दौरान 7.83 प्रतिशत की औसत वार्षिक विकास दर 1960 के बाद किसी भी पांच वर्षीय अवधि की दूसरी सबसे ऊंची औसत वृद्धि दर है, जिससे आगे केवल 2003-07 की 7.89 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर ही रही है।
भारत की अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार का जिक्र करते हुए किम ने बताया कि आज का भारत दो दशक पहले की तुलना में पूरी तरह भिन्न आर्थिक स्तर पर है। वर्ष 2007 में जहां देश की अर्थव्यवस्था का आकार 1 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक था, वहीं अब यह 4 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच रही है। ऐसे में आज समान विकास दर का अर्थ कहीं अधिक बड़े पैमाने पर आर्थिक विस्तार और मूल्य सृजन से है।
