अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के नतीजे आने से ठीक पहले कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के दम पर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार दो दिनों की गिरावट से उबरकर बढ़त के साथ बंद हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में आई तेजी से प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 0.45 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक (0.45%) की मजबूती के साथ 74,336.45 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 99 अंक (0.43%) चढ़कर 23,217.60 पर पहुंच गया। हालांकि, व्यापक बाजार का प्रदर्शन सुस्त रहा; निफ्टी मिडकैप में 0.01% और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.18% की मामूली गिरावट देखी गई।
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी एफएमसीजी (1.63%), निफ्टी पीएसयू बैंक (1.44%) और निफ्टी रियल्टी (0.99%) में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। दूसरी ओर, निफ्टी आईटी, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स दबाव में रहे। निफ्टी 50 में एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई और आईटीसी के शेयर टॉप गेनर्स रहे, जबकि टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एलएंडटी और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
अब निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड रिजर्व के फैसलों और उसके भविष्य के ब्याज दर दृष्टिकोण पर टिकी हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि फेड का रुख संतुलित रहता है तो घरेलू बाजार में तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, कड़े फैसलों, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी या क्रूड ऑयल के 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने की स्थिति में दोबारा बिकवाली का दबाव बन सकता है।
