ब्रह्मांड में होने वाले सबसे शक्तिशाली विस्फोटों पर 22 साल तक पैनी नजर रखने वाला नासा (NASA) का खास अंतरिक्ष टेलिस्कोप ‘स्विफ्ट’ (Swift) अब अपनी आखिरी यात्रा पर है और जल्द ही पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाला है। करीब डेढ़ टन वजन वाले इस टेलिस्कोप का अधिकांश हिस्सा आसमान में ही जलकर खत्म हो जाएगा, लेकिन इसके कुछ भारी टुकड़े धरती तक पहुंच सकते हैं। अमेरिकी स्पेस फोर्स इसकी लगातार निगरानी कर रही है।
क्यों वापस लौट रहा है स्विफ्ट? पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रहों पर ऊपरी वायुमंडल की हल्की हवा का खिंचाव हमेशा रहता है। पिछले कुछ समय में सूर्य की बढ़ी गतिविधियों के कारण वायुमंडल में गर्मी बढ़ी और हवा की परत फैल गई, जिससे स्विफ्ट पर खिंचाव बढ़ गया और इसकी ऊंचाई तेजी से कम होने लगी। नासा ने इसे बचाने के लिए कैटलिस्ट स्पेस नामक कंपनी के साथ मिलकर ‘लिंक’ (Lynk) नामक एक रोबोटिक अंतरिक्ष यान भी भेजा था, जो इसे पकड़कर इसकी ऊंचाई बढ़ाने वाला था। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों के चलते यह मिशन कामयाब नहीं हो सका और सितंबर में लिंक भी वापस लौट आया। इसके बाद नासा ने अक्टूबर के आखिर में इसका वैज्ञानिक काम बंद कर दिया।
क्या थी स्विफ्ट की खासियत और उपलब्धियां? 20 नवंबर 2004 को अंतरिक्ष में भेजे गए इस टेलिस्कोप का मुख्य काम ‘गामा रे बस्ट’ (ब्रह्मांड के बेहद शक्तिशाली विस्फोट) का पता लगाना था। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह थी कि यह किसी भी विस्फोट का संकेत मिलते ही बेहद तेजी से अपनी दूरबीन को उस दिशा में घुमा लेता था। अपने 22 साल के लंबे सफर में इस टेलिस्कोप ने:
- 2,000 से ज्यादा गामा रे बस्ट का पता लगाया।
- करीब 1,400 सुपरनोवा (तारे के अंत की घटना) खोजे।
- ब्लैक होल, धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज कीं।
- हबल और जेम्स वेब जैसे बड़े टेलिस्कोप को अंतरिक्ष की घटनाओं के शुरुआती संकेत देने में मदद की।
वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, वायुमंडल में प्रवेश करने पर अत्यधिक गर्मी के कारण इसका ज्यादातर हिस्सा जल जाएगा, लेकिन टंगस्टन जैसी भारी धातुओं और शीशों के कुछ टुकड़े बचकर समुद्र या अन्य क्षेत्रों में गिर सकते हैं। हालांकि इसकी सटीक जगह और समय को लेकर वैज्ञानिक और अंतरिक्ष एजेंसियां सतर्क हैं।
