केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और सभी बिक्री केंद्र सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। सरकार के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार देश की समस्त आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सभी तेल शोधन कारखाने अपनी पूर्ण क्षमता के साथ परिचालन कर रहे हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर भ्रामक सूचनाओं के कारण मांग में अचानक वृद्धि देखी गई थी परंतु अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्राकृतिक गैस के मोर्चे पर भी सरकार ने घरेलू उपयोग और परिवहन हेतु शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की है जबकि औद्योगिक क्षेत्रों को भी उनकी औसत खपत का बड़ा हिस्सा प्रदान किया जा रहा है ताकि देश की आर्थिक प्रगति की गति मंद न पड़े। बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश दो हजार छब्बीस को अधिसूचित किया गया है जिससे देशव्यापी पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और कार्य में तेजी आएगी।
गैस कनेक्शनों के विस्तार के क्षेत्र में एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में नए घरेलू संबंध प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इस प्रक्रिया को और अधिक तीव्र बनाने के लिए संबंधित विनियामक निकायों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदनों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक रसोईघरों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से गैस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने हेतु सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए हजारों स्थानों पर छापेमारी की है और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है। वाणिज्यिक गैस के आवंटन में भी भारी वृद्धि की गई है जिसका सीधा लाभ छोटे व्यवसायों और प्रवासी श्रमिकों को प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे कोयले की आपूर्ति बढ़ाने हेतु भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं ताकि ऊर्जा के अन्य साधनों पर निर्भरता को संतुलित किया जा सके।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश की सुरक्षा और विदेशी यात्रियों की निगरानी से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना को अगले पांच वर्षों हेतु विस्तार देने की स्वीकृति प्रदान की गई है जिस पर भारी धनराशि व्यय की जाएगी। साथ ही देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से सौ नए हवाई अड्डों के निर्माण और दो सौ आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से दूर-दराज के क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होगा और क्षेत्रीय विकास को नए पंख मिलेंगे। सरकार के ये समेकित प्रयास न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं बल्कि भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं और तकनीकी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम हैं।
