देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे रामनवमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन को त्याग, तप और संयम का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके आदर्श न केवल भारतीयों के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए युगों-युगों तक मार्गदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने विशेष रूप से प्रार्थना की कि प्रभु राम की कृपा से जन-जन का कल्याण हो जिससे एक सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके। प्रधानमंत्री ने इस उपलक्ष्य में अयोध्या धाम से जुड़ा एक विशेष चलचित्र भी साझा किया जिसमें उन्होंने संस्कृत के श्लोकों के माध्यम से सत्य, पराक्रम और जनसेवा के दिव्य गुणों की व्याख्या की और स्पष्ट किया कि श्री राम केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि उच्च मानवीय मूल्यों और मर्यादाओं की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं।
इस गौरवशाली अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान राम का जीवन न्याय, समानता और लोक कल्याण का सर्वोच्च उदाहरण है जो आज भी हमारे समाज के लिए प्रेरणापुंज बना हुआ है। उन्होंने देशवासियों से भगवान के दिखाए मार्ग पर चलकर एक समरस और सामर्थ्यवान राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लेने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रधानमंत्री के संदेश को साझा करते हुए धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा दी। इन सभी शीर्ष नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि श्री राम का चरित्र कठिन परिस्थितियों में भी सामर्थ्य के साथ खड़े रहने की सीख देता है और उनके आशीर्वाद से ही देश सुख, शांति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
