पश्चिम बंगाल में एक स्थानीय अदालत ने आज चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए सात लोगों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बीते कल शाम बारिश के बीच अचानक जुटी भारी भीड़ के कारण यह भगदड़ मची थी, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई और 25 अन्य घायल हो गए।
गिरफ्तार किए गए लोगों में पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष के साथ-साथ एक निजी सुरक्षा एजेंसी के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने इस दर्दनाक हादसे के संबंध में गैर-इरादतन हत्या (Culpable homicide not amounting to murder) का मामला दर्ज किया है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य भर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की।
राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं, केंद्र सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि (ex-gratia) और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये देने की घोषणा की है।
इस घटना की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा जांच भी शुरू कर दी गई है।
