प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस के अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह श्रद्धा का दिन है, जो बहादुर साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने के लिए समर्पित है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम माता गुजरी जी के अटूट विश्वास और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को स्मरण करते हैं। वीर बाल दिवस साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मपरायणता का प्रतीक है।” साहिबजादों का जीवन और आदर्श पीढ़ियों तक प्रेरणा देते रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने साहिबजादों के अमर बलिदान को शत-शत नमन किया और कहा कि कम आयु में धर्म, सत्य व साहस की मिसाल युगों तक प्रेरणास्रोत बनेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि यह देश, धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पित करने वाले चारों वीर साहिबजादों की अमर शहादत को नमन करने का दिन है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि साहिबजादों का अदम्य साहस, त्याग और देशप्रेम अन्याय के विरुद्ध खड़े रहने की शक्ति देता है, जो युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा बनेगा।
वीर बाल दिवस हर वर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में है। प्रधानमंत्री मोदी ने 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर इसकी घोषणा की थी। ऐतिहासिक रूप से, 7 दिसंबर 1705 को चमकौर की लड़ाई के दिन दोनों साहिबजादों को उनकी दादी माता गुजरी के साथ मुगल अधिकारियों जानी खान और मानी खान रंगहर ने मोरिंडा में हिरासत में लिया था।
