छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘विकसित भारत–जीरामजी बिल’ को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक नया भारत आकार ले रहा है, जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
गुरुवार को रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह नया कानून पहले की योजनाओं की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और जनहितकारी है। उन्होंने बताया कि अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, जिससे अधिक लोगों को काम का अवसर मिलेगा। मजदूरी की पूरी गारंटी के साथ भुगतान सात दिनों के भीतर किया जाएगा और यदि भुगतान में देरी होती है, तो अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए इस कानून में श्रमिकों के लिए दो महीने की छुट्टी का प्रावधान भी किया गया है, जिसके दौरान उन्हें कृषि मजदूरी भी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में जो उम्मीदें देशवासियों के मन में थीं, वे अब साकार हो रही हैं। उन्होंने आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जबकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर चुका है। उन्होंने कहा कि यह नया भारत न केवल आर्थिक रूप से सशक्त है, बल्कि हर दिशा में मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि आज का भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन अगर कोई देश या ताकत भारत को उकसाने का प्रयास करती है, तो उसे छोड़ा भी नहीं जाता। यह नए भारत की पहचान है।
वहीं ‘विकसित भारत–जीरामजी बिल’ पर छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेताम ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कानून पूरे राज्य और देश के हित में बनाया गया है और इससे श्रमिकों, कामगारों तथा गरीब वर्ग को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी तंज कसते हुए कहा कि कई लोग छत्तीसगढ़ आते हैं, निरीक्षण करते हैं और लौट जाते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि सचिन पायलट आ रहे हैं, तो संभव है कि वे ईंधन की कमी के कारण आए हों, ईंधन भरवाएंगे और फिर चले जाएंगे।
