उत्तराखंड के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निःशुल्क हेलीकॉप्टर सेवा एक वास्तविक ‘वरदान’ सिद्ध हो रही है। इस सेवा की सार्थकता एक बार फिर रुद्रप्रयाग जिले में देखने को मिली, जहाँ समय पर हस्तक्षेप कर एक गर्भवती महिला की जान बचाई गई।
जखोली से जिला चिकित्सालय तक का सफर
रुद्रप्रयाग जिले के जखोली क्षेत्र की निवासी गर्भवती महिला उदीना को अचानक स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। भौगोलिक विषमताओं और समय की संवेदनशीलता को देखते हुए, प्रशासन ने उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट करने का निर्णय लिया। महिला को वन चेतना पार्क जखोली से हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग लाया गया।
स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की तत्परता
जैसे ही हेलीकॉप्टर गुलाबराय हेलीपैड पर लैंड हुआ, वहां पहले से ही जिला आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एम्बुलेंस के साथ मुस्तैद थीं। टीमों ने बिना समय गंवाए मरीज को हेलीपैड से रिसीव किया और तत्परता के साथ अस्पताल पहुंचाया। वर्तमान में महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर दिया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों द्वारा निगरानी रखी जा रही है।
दुर्गम क्षेत्रों के लिए संजीवनी
राज्य सरकार की यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए शुरू की गई है जो दूरस्थ अंचलों में रहती हैं और जिन्हें प्रसव के दौरान आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता होती है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे हवाई कनेक्टिविटी और त्वरित रिस्पांस तंत्र पहाड़ी क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
