उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में हरिद्वार कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को एक नई और निर्णायक दिशा दी है। प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इस आयोजन को न केवल भव्य बल्कि दिव्य रूप प्रदान करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कुंभ मेले के लिए बुनियादी ढांचों के विकास पर काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से संबंधित 34 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 234.55 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जो इस आयोजन की व्यापकता और सरकारी गंभीरता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य आने वाले समय में देश-विदेश से हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं को उच्चतम स्तर का बनाना है। सरकार ने विशेष रूप से साधु-संतों की सुख-सुविधाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया है ताकि उनका प्रवास और कुंभ के दौरान का अनुभव सुगम और सम्मानित रहे। इसके साथ ही, व्यापक स्तर पर बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए सड़कों, परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता और आवास सुविधाओं को आधुनिक बनाने की योजना तैयार की गई है। सरकार का यह प्रयास है कि कुंभ मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।
इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सनातन धर्म की गरिमा और आस्था के इस महाकुंभ को और अधिक व्यवस्थित, दिव्य और भव्य ढंग से संपन्न कराया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2027 के कुंभ मेले को एक यादगार अनुभव बनाने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। इन कार्यों में केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं का जाल बिछाना भी शामिल है ताकि हरिद्वार में आने वाले तीर्थयात्री आस्था के इस महापर्व में पूरी श्रद्धा और सहजता के साथ सहभागी बन सकें। यह कदम प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसके तहत उत्तराखंड को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
