उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद (UBSE) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे दो लाख से अधिक विद्यार्थियों का आज इंतजार खत्म हो गया है। रामनगर स्थित बोर्ड कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल सती ने आधिकारिक रूप से 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष के घोषित आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं, जिसमें हाईस्कूल के 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सफल रहे हैं, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है। परिणाम जारी होते ही छात्रों और उनके अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बोर्ड ने परिणामों के साथ ही मेधावी छात्रों की सूची भी सार्वजनिक कर दी है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से प्रदेश का नाम रोशन किया है। हाईस्कूल की परीक्षा में रामनगर स्थित एमपी इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, इंटरमीडिएट की परीक्षा में बागेश्वर की गीतिका पंत और ऊधमसिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। इन दोनों मेधावी छात्राओं ने 490-490 अंक अर्जित कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इन सभी मेधावी छात्रों को विशेष रूप से बधाई दी है।
जो विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम देखना चाहते हैं, वे उत्तराखंड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों ubse.uk.gov.in और uaresults.nic.in पर जाकर लॉग-इन कर सकते हैं। परिणाम देखने के लिए छात्रों को वेबसाइट पर अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद वे अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे और उसे भविष्य के लिए डाउनलोड भी कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि इसमें उनके शिक्षकों का उचित मार्गदर्शन और अभिभावकों का निरंतर सहयोग भी शामिल है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों का संकेत है।
वहीं, दसवीं की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र अक्षत गोपाल ने अपनी इस सफलता पर बेहद खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य पीसीएम स्ट्रीम के साथ आगे की पढ़ाई करना है। अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अक्षत ने अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है, जिन्होंने पढ़ाई के दौरान उनका लगातार मनोबल बढ़ाया। बोर्ड द्वारा परिणाम घोषित किए जाने के बाद अब छात्र आगे की उच्च शिक्षा और प्रवेश प्रक्रियाओं की तैयारी में जुट गए हैं।
