सुपौल जिले में आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के सचिव अफजल आलम ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के साथ-साथ जिले के सभी अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी और न्यायिक दंडाधिकारी सम्मिलित हुए, जहां आगामी लोक अदालत के सफल आयोजन और अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सचिव अफजल आलम ने सभी न्यायिक अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को न्याय के सुलभ और त्वरित माध्यम उपलब्ध कराना है, इसलिए यह अनिवार्य है कि अधिक से अधिक संख्या में लंबित और सुलह योग्य मामलों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी चिन्हित मामलों में पक्षकारों को शीघ्रता से नोटिस निर्गत करना सुनिश्चित करें, ताकि निर्धारित तिथि पर वे अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें और आपसी सहमति के माध्यम से अपने विवादों का स्थायी समाधान प्राप्त कर सकें।
कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दिशा में अब तक काफी प्रगति हुई है और लगभग 2,600 से अधिक चिन्हित मामलों में नोटिस निर्गत किए जा चुके हैं। इन सभी मामलों का निस्तारण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन नि:शुल्क रूप से किया जाएगा, जिससे वादियों को बड़ी राहत मिलेगी। लोक अदालत के माध्यम से होने वाला यह निपटारा न केवल पक्षकारों के धन और समय की बचत करता है, बल्कि न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सचिव ने सभी न्यायिक अधिकारियों से इस आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है ताकि अधिक से अधिक वादियों को न्याय का लाभ मिल सके।
