बिहार विधानमंडल का 24 अप्रैल को प्रस्तावित विशेष सत्र राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे लेकर प्रशासनिक व सुरक्षात्मक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। नई सरकार के गठन के उपरांत विश्वास मत साबित करने के उद्देश्य से बुलाए गए इस एक दिवसीय विशेष सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पटना के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनके साथ विधानसभा अध्यक्ष ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और सत्र के दौरान होने वाली गतिविधियों के प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सत्र के दौरान सुरक्षा के सभी मानक पूरे किए जाएं ताकि सदन की कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
सुरक्षा समीक्षा के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सत्र के दौरान मीडिया की भूमिका और कवरेज से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी बारीकी से ध्यान दिया। प्रशासनिक बैठक से पूर्व उन्होंने पत्रकार सलाहकार समिति के सदस्यों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों की सुविधा, सदन की कार्यवाही तक उनकी पहुँच और कवरेज के दौरान पालन किए जाने वाले दिशानिर्देशों पर चर्चा की गई ताकि सत्र की कार्यवाही की जानकारी आम जन तक पारदर्शी और सटीक तरीके से पहुंच सके। अध्यक्ष ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उनके सहयोग की अपेक्षा जताई।
इसी अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने ‘विधान प्रबोधनी’ नामक पुस्तक का भी आधिकारिक विमोचन किया। इस पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन न केवल राज्य के माननीय विधायकों के लिए संसदीय कामकाज और प्रक्रियाओं को गहराई से समझने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि यह आम नागरिकों के लिए भी विधायिका के कार्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं को जानने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि 24 अप्रैल को आयोजित होने वाला यह विशेष सत्र अपनी संवैधानिक गरिमा के अनुरूप संपन्न होगा और राज्य के संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा।
