सुपौल जिले में पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद अपराधियों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ने बड़े परिणाम दिए हैं। जिले को अपराध मुक्त बनाने और अवैध हथियारों के अंतरजिला तस्करी गिरोह की कमर तोड़ने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक रणनीति तैयार की थी, जिसके तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की गई। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस को लगातार सफलताएं मिल रही हैं, जिससे तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पुलिस की इस तत्परता ने क्षेत्र में सक्रिय कई तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
अभियान के तहत सबसे पहले 14 अप्रैल 2026 को किशनपुर थाना क्षेत्र के तुलापट्टी वार्ड संख्या-02 में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जहां चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, एक मैगजीन, एक जिंदा कारतूस, चार मोटरसाइकिल और एक चारपहिया वाहन बरामद किया। इसके बाद, 19 अप्रैल 2026 को सुपौल थाना क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के समीप एक मकान में छापेमारी कर पुलिस ने एक अंतरजिला हथियार तस्कर को दबोचा। उसके ठिकाने से तीन पिस्टल, छह मैगजीन, दो मोबाइल और 2,08,000 रुपये नकद बरामद हुए, जो इस बात का संकेत है कि तस्करों का नेटवर्क काफी बड़ा है। उसी दिन पिपरा थाना क्षेत्र के दीनापट्टी वार्ड संख्या-14 में भी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की, जहां तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से एक पिस्टल, तीन मैगजीन, चार कारतूस तथा एक खोखा जब्त किया गया। इस कड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 24 अप्रैल 2026 को राघोपुर थाना क्षेत्र के हुलास नहर पुल के पास पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण छापेमारी की, जिसमें एक देसी कट्टा, पांच अर्धनिर्मित देसी पिस्टल, दो जिंदा गोली, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल बरामद किए गए।
पुलिस की इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने न केवल हथियारों की तस्करी के खेल को बेनकाब किया है, बल्कि अंतरजिला तस्कर गिरोह की जड़ों को भी हिलाकर रख दिया है। इन बरामदगियों से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर क्षेत्र में बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने पूरे मामले में आगे की गहन जांच शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की धर-पकड़ के लिए भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक कड़ाई के साथ जारी रहेगा, ताकि सुपौल जिले को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके।
