बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार कल होने जा रहा है। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के लिए पटना का गांधी मैदान पूरी तरह तैयार है, जहाँ एनडीए सरकार के नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में होगा शपथ ग्रहण
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए के दिग्गज नेता भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।
कैबिनेट विस्तार का संभावित फॉर्मूला
सूत्रों और हमारे संवाददाताओं से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार का कैबिनेट विस्तार पिछली सरकार के पुराने फॉर्मूले के आधार पर ही किया जा रहा है। गठबंधन के बीच सीटों का तालमेल कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): लगभग 15 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
- जनता दल यूनाइटेड (JD-U): लगभग 14 विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है।
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास): 2 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM): 1 मंत्री पद।
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM): 1 मंत्री पद।
पुराने चेहरों पर भरोसा और नए नामों की चर्चा
माना जा रहा है कि भाजपा और जदयू अपने पुराने और अनुभवी चेहरों पर ही भरोसा जताएंगी, ताकि प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे। हालांकि, इस बार कुछ नए नामों को भी मौका मिलने के संकेत हैं। जदयू के गलियारों में निशांत कुमार के नाम की काफी चर्चा हो रही है।
संभावित मंत्रियों की सूची में प्रमुख नाम:
- लोजपा (रामविलास): संजय सिंह और संजय पासवान के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं।
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा: संतोष कुमार सुमन एक बार फिर मंत्री पद संभाल सकते हैं।
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा: विधायक स्नेह लता को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
बिहार की राजनीति के लिहाज से यह विस्तार काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को साधने की पूरी कोशिश की गई है। कल होने वाले इस समारोह पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।
