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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा ने भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान की है। रोम में इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में 15 महत्वपूर्ण समझौतों और परिणामों को अंतिम रूप दिया। इन समझौतों के साथ भारत और इटली के संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया है, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और गहरे सहयोग का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मेलोनी के बीच हुई विस्तृत वार्ता के दौरान कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, आयुर्वेद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समुद्री परिवहन और बंदरगाह विकास जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, निवेश और ज्ञान साझेदारी को मजबूत करना है। विशेष रूप से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को भारत की सांस्कृतिक और स्वास्थ्य विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने के रूप में देखा जा रहा है।
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू भारतीय नर्सों की इटली में आवाजाही और रोजगार को लेकर हुआ समझौता रहा। इस समझौते से भारतीय स्वास्थ्यकर्मियों, विशेषकर प्रशिक्षित नर्सों के लिए इटली में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इससे न केवल भारत के कुशल मानव संसाधन को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, बल्कि इटली के स्वास्थ्य क्षेत्र को भी अनुभवी और प्रशिक्षित पेशेवरों का सहयोग प्राप्त होगा।
भारत और इटली ने गुजरात के लोथल में विकसित किए जा रहे राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास में सहयोग को लेकर भी समझौता किया। यह समझौता दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और समुद्री विरासत से जुड़े संबंधों को और मजबूत करेगा। भारत सरकार लोथल को एक वैश्विक समुद्री विरासत केंद्र के रूप में विकसित कर रही है और इसमें इटली की भागीदारी को ऐतिहासिक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों देशों ने कर अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 दोनों देशों के सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख रोडमैप प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि भारत और इटली मिलकर “भारत-इटली नवाचार केंद्र” स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, जो अनुसंधान, तकनीकी विकास और स्टार्टअप सहयोग को नई गति देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप ने रक्षा क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन के नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश रक्षा निर्माण, उन्नत तकनीक और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में अपने संबंधों को और मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। यह सहयोग ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं।
समुद्री सहयोग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली दोनों समुद्री शक्ति वाले देश हैं और वे जहाजरानी, बंदरगाह आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स तथा ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देंगे। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर और भूमध्यसागर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।
वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने दोहराया कि संवाद और कूटनीति ही किसी भी संकट का स्थायी समाधान हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा है और आतंक वित्तपोषण नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर दोनों देशों की सोच और रणनीति में गहरा सामंजस्य दिखाई दिया।
आर्थिक सहयोग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इटली दुनिया भर में डिजाइन और सटीक तकनीक के लिए प्रसिद्ध है, जबकि भारत बड़े पैमाने पर उत्पादन, प्रतिभा और किफायती नवाचार का वैश्विक केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देश “भारत और इटली में डिजाइन और विकास, दुनिया के लिए वितरण” की साझा सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। इस दृष्टिकोण से दोनों देशों के उद्योग, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि विशेष रणनीतिक साझेदारी भारत और इटली के बीच बढ़ते संबंधों की गहराई को दर्शाती है, जो आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास और वैश्विक स्थिरता के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इटली के संबंधों को केवल राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि व्यापार, नवाचार, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति और जनसंपर्क के स्तर पर भी नई दिशा देगी। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच आर्थिक भागीदारी, निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही वैश्विक शांति, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी भारत और इटली का सहयोग पहले से अधिक मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
