वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर आ रहा तेल टैंकर ‘निसोस केरोस’ सफलतापूर्वक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है और अब विशाखापट्टनम की ओर बढ़ रहा है। समुद्री यातायात पर नजर रखने वाली कई अंतरराष्ट्रीय ट्रैकिंग वेबसाइटों ने इसकी पुष्टि की है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह टैंकर 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था और शुक्रवार सुबह इसे भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में ट्रैक किया गया। टैंकर के 3 जून तक विशाखापट्टनम पहुंचने की उम्मीद है।
इस बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी नौसेना ने पिछले 24 घंटों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 23 व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगाने और समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए नई प्राधिकरण व्यवस्था लागू करने की बात कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ट्रांजिट शुल्क लगाने को अवैध बताया है। वहीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस रणनीतिक जलमार्ग में मुक्त और निर्बाध नौवहन की मांग की है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव दुनिया भर में ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता की आशंकाओं को और बढ़ा रहा है।
